न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
रमण कुमार/मधेपुरा: पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का गुस्सा अब मधेपुरा की सड़कों पर फूट पड़ा है। छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला दहन कर सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। भूपेंद्र चौक पर जुटे छात्र नेताओं ने सरकार पर छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों ने घायल छात्र नेता गौतम आनंद के बेहतर इलाज, उचित मुआवजे और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। साथ ही चेतावनी दी कि अगर छात्रों की मांगों पर जल्द फैसला नहीं हुआ, तो आंदोलन और उग्र किया जाएगा।
तस्वीरें मधेपुरा के भूपेंद्र चौक की हैं। जहां हाथों में नारे लिखे पोस्टर, जुबां पर सरकार के खिलाफ नाराजगी और बीच सड़क पर जलता हुआ पुतला। पटना में हुए लाठीचार्ज के विरोध में छात्रों का आक्रोश खुलकर सामने आया।
ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी का पुतला फूंका। इस दौरान सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी हुई।
छात्र नेताओं का आरोप है कि पटना में अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। संगठन ने छात्र नेता गौतम आनंद के घायल होने को लेकर भी गंभीर सवाल उठाए हैं। छात्र नेताओं के मुताबिक गौतम आनंद के सिर में गंभीर चोट आई है और उन्हें कई टांके लगाए गए हैं। संगठन ने सरकार से उनके बेहतर इलाज की पूरी जिम्मेदारी लेने और उनके परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की है।
ऑल इंडिया स्टूडेंट यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष इंजीनियर मुरारी ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज को लाठी के दम पर दबाने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने कहा कि छात्र नेता गौतम आनंद के साथ हुई घटना बेहद गंभीर है और सरकार को पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करानी चाहिए।
इंजीनियर मुरारी ने साफ कहा कि अगर सरकार छात्रों की जायज मांगों को गंभीरता से नहीं लेती है, तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। उनका कहना है कि छात्रों की आवाज दबाने के बजाय सरकार को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए।
वहीं प्रदेश अध्यक्ष इंजीनियर अंशु यादव ने बीपीएससी, एसएससी, पीएचडी स्कॉलर समेत प्रतियोगी छात्रों की मांगों को लेकर सरकार से तत्काल निर्णय लेने की मांग की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने वाले छात्रों पर लाठीचार्ज करना बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
छात्र नेताओं ने कहा कि सरकार को यह समझना होगा कि युवाओं के सवाल सिर्फ सड़क पर नारे लगाने से खत्म नहीं होंगे। रोजगार, परीक्षा व्यवस्था, भर्ती प्रक्रिया और प्रतियोगी छात्रों की मांगों पर सरकार को ठोस कदम उठाने होंगे।
जिला प्रधान महासचिव विकास कुमार राजा और छात्र नेता गुड्डू कुमार ने भी सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की जायज मांगों को लाठी-डंडे के बल पर दबाया नहीं जा सकता। प्रदर्शनकारियों ने पटना लाठीचार्ज की जिम्मेदारी तय करने की मांग की और कहा कि दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए।
वहीं विश्वविद्यालय अध्यक्ष सौरभ कुमार और जिला अध्यक्ष राहुल कुमार ने कहा कि मधेपुरा में हुआ पुतला दहन सरकार के लिए स्पष्ट संदेश है। जब तक छात्रों की मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लिया जाता, संगठन आंदोलन जारी रखेगा।
प्रदर्शन के दौरान छात्र नेताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यक्रम में छात्र नेत्री रूबी कुमारी, खुशबू कुमारी, रानी कुमारी, गौरव कुमार, विवेक कुमार, राजा कुमार, ओम यादव, रवि यादव, अस्मित आनंद, बिट्टू कुमार, निखिल आनंद, अमन कुमार और दर्शन कुमार समेत बड़ी संख्या में छात्र नेता मौजूद रहे।
फिलहाल छात्र संगठन ने सरकार के सामने अपनी मांगें रख दी हैं।घायल छात्र को बेहतर इलाज, उचित मुआवजा, लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच और छात्रों की जायज मांगों का समाधान। सवाल अब सरकार से है। क्या छात्रों की आवाज सुनी जाएगी या सड़कों पर आंदोलन का दायरा और बढ़ेगा
