न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क(अफरोज आलम, समस्तीपुर): बिहार के समस्तीपुर में बेरोजगार युवाओं को जाल में फंसाकर सरकारी नौकरी दिलाने और फर्जी नेटवर्किंग चलाने वाले एक बहुत बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। यहाँ ‘लीड विजन ट्रेडिंग इंडिया प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एक तथाकथित कंपनी युवाओं को प्रखंड स्तर पर शिक्षा, कृषि और अन्य सरकारी विभागों में नौकरी दिलवाने के नाम पर लाखों-करोड़ों की चपत लगा रही थी। सोशल मीडिया पर इस धोखाधड़ी का मामला उजागर होने के बाद समस्तीपुर पुलिस ने त्वरित एक्शन लिया है। मुफस्सिल थाना क्षेत्र के मूसापुर में एक निजी किराए के मकान पर देर रात छापेमारी कर पुलिस ने बंधक जैसे हालात में रह रहे करीब सैकड़ों युवक-युवतियों को आजाद कराया है।
चार राज्यों के बेरोजगार युवा बने इस नेक्सस का शिकार
सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, इस शातिर रैकेट का नेटवर्क सिर्फ बिहार तक ही सीमित नहीं था, बल्कि झारखंड, पश्चिम बंगाल और उत्तर प्रदेश के युवा भी इस ठगी का शिकार बन चुके हैं। आरोपियों द्वारा युवाओं को सरकारी नौकरी का लालच देकर समस्तीपुर बुलाया जाता था। इसके बाद जॉइनिंग और कथित ट्रेनिंग की फीस के नाम पर हर एक अभ्यर्थी से करीब 25-25 हजार रुपये ऐंठ लिए जाते थे।
ठगी छिपाने के लिए दिया जाता था तेल-साबुन का ‘प्रशिक्षण’
इस रैकेट का काम करने का तरीका बेहद चौंकाने वाला है। युवाओं से मोटी रकम वसूलने के बाद उन पर दबाव बनाया जाता था कि नौकरी से पहले उन्हें नेटवर्किंग का कोर्स करना होगा। इस जालसाजी पर किसी को शक न हो, इसलिए कंपनी अभ्यर्थियों को 25 हजार रुपये का पक्का बिल थमा देती थी और बदले में तेल, साबुन, फेस क्रीम जैसे कॉस्मेटिक प्रोडक्ट्स दे देती थी। युवाओं को इसी सामान को आगे बेचने और नए लोगों को जोड़ने के दलदल में धकेल दिया जाता था।
कंपनी का दावा- ‘हम लीगल हैं’, लोगों ने कहा- ‘यह ठगी का खेल है’
हंगामे और छापेमारी के बीच कंपनी प्रबंधन ने खुद को बेकसूर बताते हुए दावा किया है कि वे पूरी तरह से वैध डायरेक्ट सेलिंग या ट्रेडिंग कंपनी चला रहे हैं और पैसे के बदले प्रोडक्ट व बिल दे रहे हैं। दूसरी तरफ, स्थानीय निवासियों और भुक्तभोगी युवाओं का साफ आरोप है कि ट्रेडिंग की आड़ में युवाओं का ब्रेनवाश कर अवैध रूप से चेन-सिस्टम और धन उगाही का धंधा चमकाया जा रहा था। इस पूरे खेल के पीछे कई रसूखदार और प्रभावशाली चेहरों के शामिल होने की भी चर्चा है।
पुलिस की सख्त चेतावनी: रडार पर हैं मास्टरमाइंड, होगी बड़ी कार्रवाई
मामले की गंभीरता को देखते हुए मुफस्सिल थाने की पुलिस मुक्त कराए गए सभी युवाओं को थाने लाकर पूछताछ कर रही है। पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, शुरुआती जांच में ठगी के इस सिंडिकेट से जुड़े कई चौंकाने वाले सबूत हाथ लगे हैं। पुलिस इस रैकेट के मुख्य सरगनाओं और मास्टरमाइंड की पहचान करने में जुटी है। अधिकारियों ने आश्वस्त किया है कि इस धोखाधड़ी के दोषियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
