न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार के सरकारी स्कूलों में तैनात करीब 3 हजार शिक्षकों की नौकरी समाप्त हो जाएगी। ये वे शिक्षक हैं, जिन्होंने राष्ट्रीय मुक्त विद्यालयी शिक्षा संस्थान से 18 महीने का डीईएलएड कोर्स किया था। प्राथमिक शिक्षा के निदेशक विक्रम विरकर ने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को ऐसे शिक्षकों की सेवा समाप्त करने का निर्देश दिया है।
क्या है आदेश
आदेश के मुताबिक, विज्ञापन संख्या 22/2024 (टीआरई-3) की कंडिका-2 बी (4) में इसका उल्लेख है। जिसके तहत, शिक्षा विभाग के 7 दिसंबर 2023 को निर्गत आदेश के अनुसार एनआईओएस द्वारा प्रदत्त 18 महीने की डीईएलएड उपाधि विद्यालय अध्यापक पद पर नियुक्ति के लिए मान्य नहीं होगी। इसी के आधार पर इन शिक्षकों को हटाया जा रहा है।
प्रशासनिक फेरबदल
शिक्षा विभाग ने 13 प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों का ट्रांसफर किया है। इसके तहत प्रणव कुमार: अकोढ़ीगोला से बोचहां संजय सिंह: डिहरी से नरकटियागंज अफरोज आलम: संझौली से मोतिहारी मनोज कुमार: सूर्यपुरा से मोतीपुर चंदन प्रियदर्शी: फारबिसगंज से बिहटा प्राण रंजन प्रसाद: राजपुर से रक्सौल रजनीश कुमार: तिलौथू से रून्नीसैदपुर हृषिकेश सिंह: चौसा से सिधवलिया नभेश कुमार: बिहटा (पटना) से शिवहर जितेन्द्र कुमार: चक्की से आलमनगर अलताफ अहमद: डगरुआ से आजमनगर राजेश कुमार: शिवसागर से रामगढ़ नौशाद अहमद: छौड़ाही से देसरी भेजा गया है।
