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बिहार में 22 लाख परिवार बीमा सुरक्षा से हुए बाहर,देश में दूसरे नंबर पर पहुंचा राज्य


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

पटना –  प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के तहत बिहार में बड़ी संख्या में लाभार्थी बीमा सुरक्षा से बाहर हो रहे हैं। मई 2025 तक राज्य में 22.05 लाख से ज्यादा पॉलिसियां निष्क्रिय हो चुकी हैं। उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार, ज्यादातर मामलों में बैंक खातों में प्रीमियम कटौती के समय पर्याप्त राशि नहीं होने के कारण पॉलिसियों का नवीनीकरण नहीं हो पाया। चिंता की बात यह है कि पिछले कुछ वर्षों में बंद होने वाली पॉलिसियों का आंकड़ा लगातार बढ़ता गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर जानकारी और जागरूकता के अभाव में लाखों लोग इस सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ खो रहे हैं। वहीं, निष्क्रिय पॉलिसियों को दोबारा चालू कराने के लिए बड़े स्तर पर कोई विशेष अभियान नहीं चलाया गया, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई है।

हाईलाइट्स –

  • बिहार में PMJJBY की 22.05 लाख से अधिक पॉलिसियां निष्क्रिय हो चुकी हैं।
  • खातों में पर्याप्त राशि नहीं होने से प्रीमियम कट नहीं पाया।
  • बंद पॉलिसियों के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर है।
  • फरवरी 2026 तक राज्य में 91.59 लाख से अधिक पॉलिसियां अब भी सक्रिय हैं।
  • पांच साल में निष्क्रिय पॉलिसियों की संख्या लगभग पांच गुना बढ़ी है।
     

देश में दूसरे स्थान पर बिहार, फिर भी सक्रिय पॉलिसियों की संख्या बड़ी

निष्क्रिय पॉलिसियों की संख्या के मामले में बिहार देश में दूसरे स्थान पर पहुंच गया है। इस सूची में उत्तर प्रदेश पहले स्थान पर है, जहां करीब 31 लाख पॉलिसियां बंद हो चुकी हैं। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि जनसंख्या और लाभार्थियों के अनुपात को देखते हुए बिहार की स्थिति अधिक चिंताजनक है। देशभर में मई 2025 तक 2.32 करोड़ से अधिक पॉलिसियां निष्क्रिय दर्ज की गई थीं। इसके बावजूद बिहार में योजना की पहुंच अभी भी व्यापक है। फरवरी 2026 तक के सरकारी आंकड़ों के अनुसार राज्य में 91.59 लाख से अधिक पॉलिसियां सक्रिय हैं। सक्रिय खातों के मामले में बिहार देश में तीसरे स्थान पर बना हुआ है, जबकि उत्तर प्रदेश और महाराष्ट्र उससे आगे हैं। यह दर्शाता है कि योजना अभी भी आम लोगों के बीच लोकप्रिय बनी हुई है।

436 रुपये की योजना से मिलता है दो लाख का सुरक्षा कवच

प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना केंद्र सरकार की महत्वपूर्ण सामाजिक सुरक्षा योजनाओं में शामिल है। इसके तहत बीमित व्यक्ति की मृत्यु होने पर नामित परिजन को दो लाख रुपये की वित्तीय सहायता दी जाती है। योजना का वार्षिक प्रीमियम मात्र 436 रुपये है, जो बैंक या डाकघर के बचत खाते से ऑटो-डेबिट के जरिए जमा होता है। 18 से 50 वर्ष तक की आयु के लोग इसमें शामिल हो सकते हैं। आंकड़े बताते हैं कि मई 2021 में बिहार में निष्क्रिय पॉलिसियों की संख्या 4.62 लाख थी, जो मई 2025 तक बढ़कर 22 लाख से अधिक हो गई। यानी पांच वर्षों में यह आंकड़ा लगभग पांच गुना बढ़ गया। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि बैंक और संबंधित एजेंसियां समय-समय पर जागरूकता अभियान चलाएं और खाताधारकों को नवीनीकरण की जानकारी दें, तो बड़ी संख्या में लोगों को दोबारा बीमा सुरक्षा के दायरे में लाया जा सकता है।

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