न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के शेखपुरा जिले में साइबर अपराधियों ने एक बड़े नेटवर्क को निशाना बनाते हुए हड़कंप मचा दिया है। इस बार शातिरों ने आम लोगों को नहीं, बल्कि जिले के रसूखदार और प्रतिष्ठित लोगों के ‘व्हाट्सएप अकाउंट’ को अपना निशाना बनाया है। इस डिजिटल हमले का शिकार राष्ट्रीय जनता दल (RJD) के पूर्व विधायक विजय सम्राट और शहर के कई नामचीन कारोबारी हुए हैं। हैकर्स इन वीआईपी अकाउंट्स के जरिए उनके करीबियों को ठगने की फिराक में थे, जिससे पूरे प्रशासनिक और व्यापारिक गलियारे में हड़कंप मच गया है।
प्रधानमंत्री आवास योजना’ का फर्जी लिंक: क्लिक करते ही मांगी जा रही गोपनीय डिटेल्स
साइबर ठगों ने ठगी का एक नया और बेहद शातिर तरीका अपनाया है। वे लोगों के व्हाट्सएप को हैक करके उनकी कांटेक्ट लिस्ट में मौजूद दोस्तों और रिश्तेदारों को ‘प्रधानमंत्री आवास योजना’ से जुड़ा एक फर्जी लिंक भेज रहे हैं। चूंकि लिंक किसी वीआईपी या परिचित के नंबर से आ रहा है, इसलिए लोग आसानी से इस पर भरोसा कर ले रहे हैं। जैसे ही कोई इस लिंक पर क्लिक करता है, तो उससे सरकारी फायदे के नाम पर पहचान पत्र, पैन कार्ड और अन्य बेहद निजी और गोपनीय जानकारियां मांगी जाती हैं। गनीमत यह रही कि समय रहते इस खेल का खुलासा हो गया और अब तक किसी के खाते से पैसे कटने की खबर नहीं है।
बड़े कारोबारी की सूझबूझ से नाकाम हुई हैकर्स की साजिश
इस पूरे फ्रॉड को पकड़ने में शेखपुरा के मशहूर फर्नीचर और इलेक्ट्रॉनिक्स व्यवसायी विनय प्रसाद की सतर्कता काम आई। विनय प्रसाद ने बताया कि उनके पास भी एक जानने वाले के नंबर से यह लिंक आया था। जब उन्होंने इसे खोला, तो उसमें सेंसिटिव डॉक्यूमेंट्स अपलोड करने को कहा गया। शक होते ही उन्होंने तुरंत अपने फोन का इंटरनेट बंद किया, लिंक को डिलीट किया और मोबाइल को रीस्टार्ट कर लिया। इसके बाद उन्हें पता चला कि उनका खुद का व्हाट्सएप भी हैक हो चुका था और उनके नाम से दूसरों को वही ठगी वाला लिंक भेजा जा रहा था।
पूर्व विधायक का पीए संभालता था मोबाइल, वहां भी सेंधमारी
जालसाजों ने आरजेडी के पूर्व विधायक विजय सम्राट के व्हाट्सएप पर भी कब्जा कर लिया। पूर्व विधायक ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि उनके मोबाइल को उनका पर्सनल असिस्टेंट (PA) हैंडल करता है। हैकर्स ने उनके अकाउंट का एक्सेस लेकर कई लोगों को फंसाने के लिए जाल बुना था। हालांकि, जैसे ही उन्हें इस बात की भनक लगी, उन्होंने तुरंत अपने करीबियों को इसके प्रति सचेत किया, जिससे एक बड़ी वित्तीय ठगी होने से बच गई।
पूर्व विधायक की मांग: ‘एक्शन मोड’ में आए पुलिस और साइबर सेल
इस घटना के बाद पूर्व विधायक विजय सम्राट ने कानून व्यवस्था और साइबर सुरक्षा पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि देश भर में साइबर अपराध की बाढ़ आई हुई है, लेकिन हमारे यहां एजेंसियां तब जागती हैं जब किसी के साथ फ्रॉड हो चुका होता है। उन्होंने मांग की है कि पुलिस और साइबर सेल को केवल मामलों की जांच करने के बजाय एक मजबूत ‘प्रिवेंटिव स्ट्रैटेजी’ (पूर्व नियोजित रणनीति) पर काम करना चाहिए ताकि हैकर्स को पहले ही दबोचा जा सके।
साइबर एक्सपर्ट्स की सलाह: किसी भी अनजान लिंक पर न दें अपनी आईडी
इस मामले को लेकर विशेषज्ञों ने आम जनता के लिए बेहद जरूरी चेतावनी जारी की है:
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अगर आपके किसी बेहद करीबी या बड़े नेता के नंबर से भी कोई अजीब लिंक आए, तो पहले उन्हें नॉर्मल कॉल करके जरूर पूछ लें।
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कोई भी सरकारी विभाग व्हाट्सएप लिंक के जरिए पहचान पत्र या बैंक डिटेल्स नहीं मांगता है।
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किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक करने के बाद यदि पर्सनल डाटा या ओटीपी मांगा जाए, तो तुरंत ब्राउज़र बंद कर दें।
