न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार में स्वास्थ्य विभाग की तरफ से कहा गया है कि सात दिनों के अंदर राज्य के सभी जिला अस्पतालों में आईसीयू की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा विभाग ने मरीजों को रेफर करने को लेकर भी सख्त फरमान जारी किया है। इस आदेश के तहत मरीजों को बिना सटिक कारण उच्च संस्थानों के लिए रेफर नहीं किया जाएगा। जिला अस्पतालों एवं अन्य सरकारी अस्पतालों में उपलब्ध संसाधनों, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं आधुनिक सुविधाओं का अधिक से अधिक इस्तेमाल किया जाएगा ताकि लोगों को अपने जिले के नजदीकी अस्पताल में ही बेहतर इलाज की सुविधा मिल सकें।
जारी हुआ दिशा-निर्देश
साथ ही स्वास्थ्य विभाग ने सभी जिला अस्पतालों में सात दिनों के अंदर आईसीयू एवं 24 घंटे इमरजेंसी सेवा शुरू करने, चिकित्सकों एवं पारा मेडिकल कर्मियों के भाव्या पोर्टल पर पंजीकरण, डयूटी रोस्टर की ऑनलाइन इंट्री तथा सभी उपलब्ध चिकित्सकीय सुविधाओं की अद्यतन जानकारी दर्ज करना जरूरी कर दिया है। स्वास्थ्य मंत्री निशांत की तरफ से विभिन्न बैठकों में दिए गए निर्देश के बाद स्वास्थ्य सचिव कुमार रवि ने रेफरल व्यवस्था को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए सभी जिलाधिकारी एवं सिविल सर्जनों एवं मुख्य चिकित्सा पदाधिकारियों को इससे संबंधित दिशा-निर्देश जारी किया है।
रेफरल का स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य
मरीज को रेफर करने से पहले संबंधित चिकित्सक को यह तय करना होगा कि आवश्यक चिकित्सा सुविधा संबंधित संस्थान में उपलब्ध नहीं है। प्रत्येक रेफरल का स्पष्ट कारण दर्ज करना अनिवार्य होगा। साथ ही मरीज की पेंशेंट यात्रा को भाव्या पोर्टल पर पूर्ण रूप से अद्यतन करते हुए उसकी कंप्यूटरीकृत कॉपी मरीज अथवा उसके परिजन को उपलब्ध कराई जाएगी।
