बिहार में स्कॉलरशिप फॉर्म भरने निकले इंटर के छात्र का अपहरण कर मर्डर, बदला लेने के लिए रची गई खौफनाक साजिश
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क (संजय कुमार, बेगूसराय) बेगूसराय में बेखौफ अपराधियों का तांडव थमने का नाम नहीं ले रहा है। कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए बदमाशों ने इस बार एक इंटरमीडिएट के छात्र को अपनी हैवानियत का शिकार बनाया है। कंकौल गांव से दिनदहाड़े एक छात्र का अपहरण करने के बाद बेरहमी से पीट-पीटकर उसकी हत्या कर दी गई और साक्ष्य छुपाने के लिए शव को दियारा इलाके में फेंक दिया गया। इस दिल दहला देने वाली वारदात के बाद पूरे क्षेत्र में भारी आक्रोश और तनाव का माहौल है।
छात्रवृत्ति का फॉर्म भरने गया था विकास, रास्ते से ही हुआ अगवा
मृतक की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के कंकौल गांव निवासी राम उदय यादव के पुत्र विकास कुमार के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, विकास बुधवार की दोपहर घर से यह कहकर निकला था कि वह छात्रवृत्ति (स्कॉलरशिप) योजना का फॉर्म भरने जा रहा है। जब वह देर शाम तक घर नहीं लौटा, तो परिवार में हड़कंप मच गया। खोजबीन के दौरान पता चला कि गांव का ही एक युवक मोहित यादव उर्फ कारेलाल उसे अपनी बाइक पर बैठाकर कहीं ले गया था।
फेसबुक की पुरानी रंजिश और जेल का बदला: मुख्य आरोपी ने चली चाल
इस खौफनाक हत्याकांड के पीछे की जो वजह सामने आई है, वह बेहद चौंकाने वाली है। परिजनों का आरोप है कि कुछ महीने पहले आरोपी विकास यादव ने मृतक के छोटे भाई के नाम से एक फर्जी (Fake) फेसबुक प्रोफाइल बनाकर अश्लील तस्वीरें वायरल कर दी थीं। इस मामले में शिकायत के बाद साइबर सेल ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। हाल ही में जमानत पर बाहर आने के बाद से ही आरोपी बदला लेने की फिराक में था और इसी पुरानी रंजिश में उसने इस पूरी वारदात को अंजाम दिया।
किडनैपिंग का Live वीडियो आया सामने, खगड़िया के दियारा में मिली लाश
इस पूरे मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सोशल मीडिया पर अपहरण के वक्त का एक सीसीटीवी/वीडियो फुटेज वायरल हो गया। इस वीडियो में साफ दिख रहा है कि आरोपी विकास को बाइक पर जबरन बैठाकर ले जा रहे हैं। अगवा करने के बाद आरोपियों ने विकास की बेरहमी से पिटाई की, जिससे उसकी मौत हो गई। इसके बाद शव को ठिकाने लगाने के लिए उसे पड़ोसी जिले खगड़िया के बलदौर दियारा इलाके में फेंक दिया गया।
थाने पर उमड़ी भारी भीड़, डीएसपी के नेतृत्व में दो आरोपी हिरासत में
घटना की भनक लगते ही पूरे गांव का गुस्सा फूट पड़ा। इंसाफ की मांग को लेकर सैकड़ों की संख्या में आक्रोशित ग्रामीण मुफस्सिल थाने पहुंच गए। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए सदर-वन डीएसपी खुद एक्शन में आए और त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद दोनों मुख्य आरोपियों (विकास यादव और मोहित यादव) को हिरासत में ले लिया। पुलिस फिलहाल दोनों से गुप्त स्थान पर कड़ाई से पूछताछ कर रही है।
