न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पूजा शर्मा / पटना डेस्क : बिहार सरकार ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। ऐसे मामलों में अब गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर छह महीने से एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है।
पेपर लीक जैसे अपराध भी दायरे में
इसके साथ ही पेपर लीक के आरोपियों को भी गुंडा एक्ट के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को सम्राट कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 10 एजेंडों पर मुहर लगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि साइबर और डिजिटल अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा।
इस अधिनियम में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर
इसके अलावा कैबिनेट ने बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। साथ ही विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को स्वीकृति दे दी गई है। इन फैसलों के बाद मुजफ्फरपुर में नए वास्तुकला एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है।
बदलते अपराधों के अनुसार होगा कानून मजबूत
सरकार के अनुसार साइबर अपराध, डिजिटल प्लेटफॉर्म के दुरुपयोग और संगठित अपराधों में बढ़ोतरी को देखते हुए कानून में संशोधन किया जा रहा है। इससे पुलिस को नए तरह के अपराधों पर प्रभावी कार्रवाई के लिए अधिक मजबूत कानूनी अधिकार मिलेंगे।
