न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क
पूजा शर्मा/पटना: मंत्री संतोष कुमार सुमन ने कहा कि आरक्षण खत्म करने की बात नहीं हो रही है, बल्कि इसे और न्यायपूर्ण बनाने की जरूरत है। उन्होंने SC/ST आरक्षण में उप-वर्गीकरण और कोटे में कोटा की मांग उठाते हुए कहा कि जो समुदाय अब भी सबसे ज्यादा वंचित हैं, उन्हें आरक्षण के भीतर उनका उचित हक मिलना चाहिए। संतोष कुमार सुमन ने साफ किया कि क्रीमी लेयर की मांग नहीं है, बल्कि आंकड़ों के आधार पर आरक्षण के लाभ की समीक्षा और वास्तविक रूप से वंचित लोगों तक लाभ पहुंचाने की बात है।
हम पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और बिहार सरकार के मंत्री डॉ. संतोष कुमार सुमन ने आरक्षण में वर्गीकरण के मुद्दे पर बैक-टू-बैक ट्वीट कर बड़ा सवाल उठाया है। उन्होंने आरक्षण की समीक्षा का विरोध करने वालों से पूछा कि आखिर उन सवालों का जवाब कौन देगा, जो आज भी वंचित समुदायों की हिस्सेदारी से जुड़े हैं।
संतोष कुमार सुमन ने कहा कि जब पिछड़ा वर्ग में अतिपिछड़ा, और सामान्य वर्ग में EWS की व्यवस्था हो सकती है, तो फिर दलितों के भीतर महादलित की पहचान करने में क्या दिक्कत है? उन्होंने स्पष्ट किया कि बात आरक्षण खत्म करने की नहीं, बल्कि आरक्षण का लाभ सबसे ज्यादा वंचित लोगों तक पहुंचाने और उन्हें न्यायपूर्ण हिस्सेदारी देने की है।
