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अस्पताल व्यवस्था, सुरक्षा कटौती और शिक्षकों के विवाद पर सरकार को घेर


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क 

पटना –  सांसद पप्पू यादव ने राज्यपाल से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में कहा कि मुजफ्फरपुर के अस्पतालों में हाल के दिनों में जो गंभीर घटनाएं सामने आई हैं, उन्हें लेकर उन्होंने विस्तार से जानकारी दी है। साथ ही उन्होंने निजी नर्सिंग होम की मनमानी और मरीजों के साथ हो रहे कथित शोषण का मुद्दा भी उठाया। पप्पू यादव ने कहा कि उन्होंने राज्यपाल को पूरे हालात से अवगत कराया है और इस पर शीघ्र कार्रवाई का आश्वासन मिला है। उनका कहना था कि स्वास्थ्य व्यवस्था में सुधार बेहद जरूरी है ताकि आम जनता को राहत मिल सके और किसी भी मरीज के साथ लापरवाही न हो।

हाईलाइट्स – 

  • मुजफ्फरपुर अस्पताल की घटनाओं और नर्सिंग होम की मनमानी पर कार्रवाई की मांग
  • राज्यपाल से मुलाकात कर पूरी स्थिति से कराया अवगत, मिला आश्वासन
  • सुरक्षा वापसी को लेकर सरकार पर दोहरे मापदंड का आरोप
  • तेजस्वी-राबड़ी की सुरक्षा हटाने पर सरकार को घेरा
  • खान सर और रोशन आनंद विवाद पर शिक्षकों के समर्थन में बयान

सुरक्षा वापसी पर राजनीतिक बयान, सरकार पर निशाना

राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव की सुरक्षा वापस लिए जाने के मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए पप्पू यादव ने सरकार पर सवाल खड़े किए। उन्होंने कहा कि सरकार के पास संसाधनों की कमी का बहाना बनाया जा रहा है, जबकि वास्तविकता यह है कि सुरक्षा व्यवस्था को लेकर दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि पूंजीपतियों और कुछ संगठनों के प्रमुखों को Z+ सुरक्षा दी जा रही है, जबकि पूर्व मुख्यमंत्रियों और विपक्षी नेताओं की सुरक्षा घटाई जा रही है। इस दौरान उन्होंने राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव का उल्लेख करते हुए कहा कि सरकार को इन मुद्दों से ध्यान हटाकर महंगाई, बेरोजगारी और पेपर लीक जैसी समस्याओं पर काम करना चाहिए।

खान सर और रोशन आनंद विवाद पर प्रतिक्रिया

कोचिंग शिक्षक खान सर और रोशन आनंद सर के बीच चल रहे विवाद को लेकर भी पप्पू यादव ने अपनी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि दोनों ही शिक्षक समाज में शिक्षा का प्रसार कर रहे हैं और उन्हें अपराधी की तरह देखना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि किसी भी शिक्षक को जेल भेजना समाधान नहीं है, बल्कि असली अपराधियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। पप्पू यादव ने यह भी कहा कि पुलिस व्यवस्था अक्सर वास्तविक अपराधियों को पकड़ने में नाकाम रहती है, जबकि शिक्षकों को निशाना बनाया जाता है। इस बयान के दौरान उन्होंने शिक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाते हुए संतुलित और न्यायपूर्ण कार्रवाई की मांग की।

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