न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के नवादा जिले से एक बेहद दर्दनाक खबर सामने आई है, जहां तेज आंधी और मूसलाधार बारिश के बीच आकाशीय बिजली (वज्रपात) गिरने से तीन अलग-अलग स्थानों पर तीन लोगों की असमय मौत हो गई। मरने वालों में दो महिलाएं और एक पुरुष शामिल हैं। इस आसमानी आफत के बाद से पूरे जिले में खौफ और दहशत का माहौल है। पुलिस ने तीनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम कराने के बाद परिजनों को सौंप दिया है।
वारसलीगंज और कौवाकोल समेत तीन गांवों में घटीं घटनाएं
नवादा जिले में प्रकृति का यह कहर तीन अलग-अलग गांवों में देखने को मिला:
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बेल्डा गांव में 45 वर्षीय कौशल कुमार अपने मवेशियों को चराने खेत की ओर गए थे, तभी अचानक उन पर बिजली गिर गई और मौके पर ही उन्होंने दम तोड़ दिया।
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बीझो गांव में 36 वर्षीय सुलेखा देवी छठ घाट के किनारे खड़ी थीं, इसी दौरान वह वज्रपात की चपेट में आ गईं।
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यहां की रहने वाली 35 वर्षीय रूबी देवी किसी काम से खेत की तरफ जा रही थीं, तभी आसमानी बिजली ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया।
परिजनों पर टूटा दुखों का पहाड़, फसलें बर्बाद होने से दोहरी मार
इन घटनाओं के बाद से पीड़ित परिवारों में चीख-पुकार मची है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार, इन किसान परिवारों पर दोहरी मार पड़ी है। एक तरफ जहां उन्होंने अपने घर के कमाऊ सदस्यों को खो दिया, वहीं दूसरी तरफ तेज आंधी और बारिश ने खेतों में खड़ी फसलों को भी भारी नुकसान पहुंचाया है।
मौसम विभाग की चेतावनी: मोबाइल फोन और खुले मैदानों से बनाएं दूरी
“मौसम विभाग के अनुसार, मॉनसून के दौरान बिहार में वज्रपात के मामले काफी बढ़ जाते हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि खराब मौसम में खुले मैदान, पेड़ों के नीचे, बिजली के खंभों या पानी के स्रोतों के पास खड़े होने से बचें। साथ ही, कड़कड़ाती धूप या बारिश के समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने से भी परहेज करना चाहिए।”
मुआवजे का भरोसा, ग्रामीणों ने की जागरूकता अभियान चलाने की मांग
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। जिला प्रशासन ने पीड़ित परिवारों को ढांढस बंधाया है और सरकार की ओर से दी जाने वाली तत्काल सहायता राशि व मुआवजा जल्द से जल्द पहुंचाने का आश्वासन दिया है। वहीं, बार-बार हो रहे इन हादसों से नाराज स्थानीय लोगों ने प्रशासन से मांग की है कि ग्रामीण इलाकों में आकाशीय बिजली से बचाव के लिए बड़े पैमाने पर जागरूकता अभियान चलाया जाए, ताकि आगे ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
