न्यूज 11 भारत/पटना डेस्क: चीन के तिब्बत से आई अचानक बाढ़ ने नेपाल के रसुवा जिले में भारी तबाही मचाई है। भोटेकोशी नदी का पानी अचानक बढ़ने से टिमुरे और स्याब्रुबेसी इलाके के कई घरों, बाजारों और दूसरी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा है। इसमें कई लोगों के बहने की भी खबर है। जिससे कई गांव और जलविद्युत परियोजनाएं बह गई हैं।
नेपाल में बाढ़ की वजह से बिहार में हाईअलर्ट जारी किया गया है। बगहा में 2 से 3 घंटे के अंदर गंडक नदी में इसका असर दिखाई दे सकता है। इसे लेकर प्रशासन हाईअलर्ट जारी किया है। वाल्मीकिनगर बराज की सुरक्षा बढ़ाई गई है।
अधिकारियों को अलर्ट पर रहने को कहा गया है। निचले इलाकों में चेतावनी जारी की गई है। प्रशासन की ओर से गंडक बराज के सभी 36 फाटक खोले गए हैं। नेपाल बॉर्डर पर लोगों की आवाजाही भी रोक दी गई है।
गृहमंत्री अमित शाह ने की सीएम सम्राट से बात
CM सम्राट चौधरी ने मुख्य सचिव, आपदा प्रबंधन और जल संसाधन विभाग के अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को हाई अलर्ट मोड में रहने और स्थिति पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए हैं। गृहमंत्री अमित शाह ने भी सीएम सम्राट से बात की है।
बगहा SP राकेश कुमार ने लेटर जारी कर कहा है कि नेपाल की त्रिशुल नदी में भूस्खलन हो गया है। जिसके कारण बगहा में गंडक के किनारे बसे गांव में 2 घंटे के भीतर बाढ़ आने की प्रबल संभावना है। सभी थानाध्यक्ष/पुलिस निरीक्षक/अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी बगहा जिला को निर्देशित किया जाता है कि अपने-अपने क्षेत्र में सभी आम जनता को जानमाल की सुरक्षा हेतु लाउडस्पीकर के माध्यम से सूचित करेंगे ताकि किसी आपदा से निपटा जा सकें।
वाल्मीकि नगर बॉर्डर पर भी आंशिक रूप से नाकेबंदी की गई है। बिहार के जो लोग नेपाल में फंसे हैं, उन्हें भारत आने दिया जा रहा है। वहीं, नेपाल के जो लोग बिहार में फंसे हैं, उन्हें नेपाल जाने की अनुमति दी जा रही है।
इसके अलावा अन्य लोगों की आवाजाही पर रोक लगा दी गई है। बॉर्डर पर अनावश्यक आवाजाही पूरी तरह रोक दी गई है।
