न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
पटना – बिहार विद्यालय परीक्षा समिति (बीएसईबी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-28 के लिए इंटरमीडिएट (11वीं) कक्षा में नामांकन हेतु दूसरी चयन सूची जारी कर दी है। इस सूची में चयनित विद्यार्थियों को 2 जून तक अपने आवंटित प्लस टू विद्यालयों या शिक्षण संस्थानों में नामांकन सुनिश्चित करना होगा। समिति ने स्पष्ट किया है कि समय-सीमा के भीतर प्रवेश नहीं लेने पर संबंधित छात्र अगली प्रक्रिया से वंचित हो सकते हैं। नामांकन से जुड़ी सभी जानकारी और चयन सूची ओएफएसएस (OFSS) पोर्टल पर उपलब्ध कराई गई है। विद्यालयों के प्रधानाचार्यों को भी निर्देश दिया गया है कि वे प्रतिदिन नामांकित विद्यार्थियों का विवरण पोर्टल पर अपडेट करें। इसके लिए 3 जून तक की समय-सीमा निर्धारित की गई है।
हाईलाईट्स –
- इंटर एडमिशन 2026-28 के लिए दूसरी चयन सूची जारी।
- चयनित छात्रों को 2 जून तक नामांकन कराना अनिवार्य।
- स्लाइड-अप और विकल्प संशोधन की सुविधा भी 2 जून तक उपलब्ध।
- राज्य में 11वीं की करीब 3.59 लाख सीटें खाली रहने की संभावना।
स्लाइड-अप और विकल्प संशोधन का भी मौका
समिति ने छात्रों को नामांकन के साथ-साथ ‘स्लाइड-अप’ विकल्प का लाभ लेने का अवसर भी दिया है। जिन विद्यार्थियों का चयन किसी विद्यालय में हो चुका है, वे बेहतर विकल्प मिलने की संभावना के लिए 2 जून तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। वहीं, दूसरी चयन सूची में स्थान नहीं पाने वाले छात्र भी निराश होने की जरूरत नहीं है। ऐसे अभ्यर्थी नए विकल्प जोड़ सकते हैं या पहले से भरे गए विकल्पों में संशोधन कर सकते हैं। किसी प्रकार की तकनीकी या अन्य समस्या होने पर छात्र समिति के हेल्पलाइन नंबर 0612-2230009 और 0612-2230051 पर संपर्क कर सकते हैं। समिति ने सभी विद्यार्थियों से निर्धारित समय में प्रक्रिया पूरी करने की अपील की है, ताकि आगे की चयन सूची और नामांकन प्रक्रिया सुचारू रूप से संचालित हो सके।
लाखों सीटें खाली रहने की आशंका
राज्यभर के करीब 10 हजार से अधिक प्लस टू विद्यालयों और शिक्षण संस्थानों में 11वीं कक्षा के लिए लगभग 17.50 लाख सीटें निर्धारित की गई हैं। हालांकि उपलब्ध आंकड़ों के अनुसार इस बार बड़ी संख्या में सीटें खाली रह सकती हैं। बिहार बोर्ड की मैट्रिक परीक्षा में 12.35 लाख से अधिक छात्र सफल हुए हैं, जबकि सीबीएसई और आईसीएसई बोर्ड से भी करीब 1.54 लाख विद्यार्थी 10वीं उत्तीर्ण हुए हैं। अन्य बोर्डों के विद्यार्थियों को जोड़ने के बाद भी अनुमान है कि लगभग 3.59 लाख सीटें रिक्त रह सकती हैं। बिहार बोर्ड का कहना है कि उसका लक्ष्य मैट्रिक उत्तीर्ण प्रत्येक छात्र को प्लस टू स्तर पर नामांकन का अवसर उपलब्ध कराना है, ताकि कोई भी विद्यार्थी आगे की पढ़ाई से वंचित न रहे।
