बिहार के बीपीएल परिवारों की लगी लॉटरी! अब घर-घर मुफ्त लगेगा सोलर पैनल, हर महीने 125 यूनिट बिजली बिल्कुल फ्री
न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के गरीब और बीपीएल परिवारों के लिए एक बेहद राहत भरी और बड़ी खबर सामने आ रही है. राज्य सरकार अब निर्धन परिवारों के घरों को सूरज की रोशनी से रोशन करने की एक महत्वाकांक्षी तैयारी में है. सरकार की नई ‘सूर्य घर योजना’ के तहत अब गरीब परिवारों की छतों पर पूरी तरह मुफ्त में सोलर पैनल लगाए जाएंगे. इस क्रांतिकारी कदम से ग्रामीण और कस्बाई इलाकों के लोगों को न सिर्फ बार-बार कटने वाली बिजली से मुक्ति मिलेगी, बल्कि हर महीने आने वाले महंगे बिजली बिल का टेंशन भी हमेशा के लिए खत्म हो जाएगा.
14 जून की तारीख तय! सीएम सम्राट चौधरी करेंगे महा-योजना की शुरुआत
पॉवर कॉरिडोर से आ रही खबरों के मुताबिक, इस कल्याणकारी योजना को जमीन पर उतारने की सभी प्रशासनिक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं. आगामी 14 जून को मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी औपचारिक रूप से इस योजना का शंखनाद कर सकते हैं. जमीनी स्तर पर काम को रफ्तार देने के लिए जिलावार एजेंसियों का चयन भी पूरा हो चुका है, ताकि हरी झंडी मिलते ही काम तेजी से शुरू किया जा सके.
जेब से नहीं देना होगा एक भी रुपया, सरकार उठाएगी पूरा खर्च
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें शामिल होने वाले गरीब परिवारों को अपनी जेब से चवन्नी भी खर्च नहीं करनी होगी. चयनित बीपीएल परिवारों के घरों पर 1.1 केवीए (KVA) क्षमता का बेहतरीन सोलर सिस्टम इंस्टॉल किया जाएगा. इस पूरे प्रोजेक्ट और सोलर पैनल लगाने का शत-प्रतिशत खर्च राज्य सरकार खुद अपनी जेब से वहन करेगी.
रोशनी, टीवी और पंखा सब चलेगा; हर महीने 125 यूनिट बिजली फ्री
सरकार के तकनीकी विशेषज्ञों का दावा है कि घरों की छतों पर लगने वाले इस 1.1 केवीए के सोलर पैनल से हर परिवार को हर महीने लगभग 125 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिल सकेगी. इतनी बिजली एक आम परिवार के लिए पर्याप्त होती है, जिससे घर में एलईडी बल्ब, पंखे, मोबाइल चार्जिंग और टीवी जैसे जरूरी उपकरण बिना किसी रुकावट के चौबीसों घंटे आसानी से चलाए जा सकेंगे.
पहले फेज में इन 8 जिलों की चमकेगी किस्मत, नालंदा को सबसे बड़ा तोहफा
योजना को सुचारू रूप से लागू करने के लिए सरकार इसे फेज मैनर में शुरू कर रही है. पहले चरण में बिहार के 8 जिलों का चयन किया गया है, जो इस प्रकार हैं:
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भागलपुर, बांका, पूर्णिया, कटिहार, नालंदा, नवादा, औरंगाबाद और अरवल. इन जिलों के हजारों गरीब परिवारों को सबसे पहले इस योजना से जोड़ा जाएगा. दिलचस्प बात यह है कि इस लिस्ट में नालंदा जिला टॉप पर है, जहाँ सबसे अधिक 9,800 परिवारों के घरों पर सोलर पैनल लगाए जाने का लक्ष्य तय हुआ है.
नामी कंपनी को मिला जिम्मा, बदलेगा गांवों का जीवन स्तर
इस बड़े प्रोजेक्ट को समय पर और बिना किसी गड़बड़ी के पूरा करने के लिए सरकार ने ‘सेन एंड पंडित वोल्टेज प्राइवेट लिमिटेड’ नाम की एजेंसी को जिम्मेदारी सौंपी है. यह एजेंसी सीधे चिन्हित घरों में जाकर सोलर सिस्टम लगाने का काम करेगी. सरकार का मानना है कि इस कदम से न सिर्फ पारंपरिक ग्रिड बिजली पर दबाव कम होगा, बल्कि पर्यावरण संरक्षण के साथ-साथ बिहार के सुदूर ग्रामीण इलाकों के जीवन स्तर में एक बड़ा और सकारात्मक बदलाव देखने को मिलेगा.
