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बेगूसराय में 14 अंतरजातीय नवदंपतियों को मिला प्रोत्साहन अनुदान, गिरिराज सिंह बोले- सामाजिक समरसता की नई पहल


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

संजय कुमार / बेगूसराय –   बेगूसराय में आयोजित अंतरजातीय विवाह प्रोत्साहन अनुदान योजना कार्यक्रम में केंद्रीय कपड़ा मंत्री एवं बेगूसराय सांसद गिरिराज सिंह ने अंतरजातीय विवाह करने वाले नवविवाहित जोड़ों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की। कार्यक्रम के दौरान कुल 14 जोड़ों को इस योजना का लाभ दिया गया। इस मौके पर गिरिराज सिंह ने कहा कि सरकार समाज में समानता, सामाजिक समरसता और जातीय भेदभाव को कम करने के उद्देश्य से इस प्रकार की योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि अंतरजातीय विवाह समाज को नई दिशा देने का काम करता है और इससे सामाजिक एकता को मजबूती मिलती है। मंत्री ने नवदंपतियों को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि ऐसे कदम सामाजिक बदलाव के वाहक बन सकते हैं और नई पीढ़ी को सकारात्मक संदेश दे सकते हैं।

हाईलाइट्स –

  •  बेगूसराय में 14 अंतरजातीय विवाह करने वाले जोड़ों को प्रोत्साहन राशि प्रदान की गई।
  • केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने योजना को सामाजिक समरसता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया।
  •  कार्यक्रम में 300-400 दिव्यांगजनों को ट्राई साइकिल, चश्मा और अन्य सहायता सामग्री वितरित की गई।
  •  लाभार्थी पूजा कुमारी ने अपनी प्रेम विवाह की कहानी साझा करते हुए दहेज प्रथा खत्म करने की अपील की।
     

दिव्यांगजनों के लिए विशेष सहायता अभियान की सराहना

कार्यक्रम के दौरान केंद्रीय मंत्री ने दिवयांग जनों के लिए चलाए जा रहे विशेष सहायता अभियान की भी सराहना की। मीडिया से बातचीत में उन्होंने बिहार सरकार, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा बेगूसराय के जिलाधिकारी श्रीकांत शास्त्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि दिव्यांगजनों को चश्मा, ट्राई साइकिल, कृत्रिम अंग और अन्य आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराने के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। गिरिराज सिंह ने कहा कि इसी अभियान के तहत बेगूसराय में आयोजित कार्यक्रम में लगभग 300 से 400 दिव्यांगजनों को विभिन्न प्रकार की सहायता सामग्री वितरित की गई है। उन्होंने कहा कि यह अभियान केवल एक कार्यक्रम तक सीमित नहीं है, बल्कि जरूरतमंद दिव्यांगजनों तक सहायता पहुंचाने की प्रक्रिया लगातार जारी रहेगी, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें और सम्मानपूर्वक जीवन जी सकें।

प्रेम विवाह की कहानी बनी प्रेरणा, दहेज प्रथा खत्म करने की अपील

योजना का लाभ पाने वाली बीएड अभ्यर्थी पूजा कुमारी ने भी मंच से अपनी प्रेम विवाह की कहानी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2023 में पढ़ाई के दौरान उनकी मुलाकात तेघड़ा निवासी दीपक कुमार से हुई थी, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। दोनों ने परिजनों की नाराजगी के बावजूद विवाह कर लिया। पूजा ने बताया कि शुरुआती दिनों में मायके और ससुराल दोनों पक्षों में इस रिश्ते को लेकर असहमति थी, लेकिन समय के साथ सभी ने उनके फैसले को स्वीकार कर लिया। आज दोनों का एक पुत्र भी है और उनका परिवार खुशहाल जीवन व्यतीत कर रहा है। पूजा कुमारी ने युवाओं से अंतरजातीय विवाह को अपनाने की अपील करते हुए कहा कि इससे समाज में फैली दहेज प्रथा जैसी कुरीतियों को समाप्त करने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि सामाजिक समरसता और समानता को बढ़ावा देने के लिए ऐसे विवाहों को प्रोत्साहित किया जाना चाहिए।

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