Voice of Eastern India

मुजफ्फरपुर में स्वास्थ्य माफियाओं पर बड़ा एक्शन, सील किए गए 13 अवैध नर्सिंग होम


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
चंद्र प्रकाश / मुजफ्फरपुर:
मुजफ्फरपुर के प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में शॉर्ट सर्किट से आग लगने और सात मौत के बाद जिला प्रशासन एक्शन मोड़ में है। भारी पुलिस बल के साथ अवैध नर्सिंग होम के खिलाफ छापेमारी अभियान चलाया। स्वास्थ्य व्यवस्था के नाम पर आम लोगों की जिंदगी से खिलवाड़ करने वाले माफियाओं के खिलाफ प्रशासन ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई की है। 

मेडिकल रोड इलाके में हड़कंप

जिला पदाधिकारी के निर्देश पर अनुमंडल पदाधिकारी (पूर्वी) तुषार कुमार के नेतृत्व में श्री कृष्ण मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल (SKMCH) के आसपास चल रहे अवैध और मानकविहीन निजी नर्सिंग होमों पर प्रशासनिक हंटर चला। नियमों की धज्जियां उड़ा रहे कुल 13 स्वास्थ्य संस्थानों को सील कर दिया गया है। इस ताबड़तोड़ एक्शन से पूरे मेडिकल रोड इलाके में हड़कंप मच गया और कई संचालक क्लिनिक छोड़कर फरार हो गए। 

भारी पुलिस बल के साथ उतरीं तीन टीमें 

अवैध अस्पतालों के खिलाफ इस विशेष अभियान को अंजाम देने के लिए तीन संयुक्त टीमों का गठन किया गया था। इन टीमों में मुसहरी, मीनापुर, गायघाट एवं औराई के प्रखंड विकास पदाधिकारी व चिकित्सा पदाधिकारी, अग्निशमन विभाग की टीम और अहियापुर थाने की पुलिस शामिल थी। कार्रवाई के दौरान एक नर्सिंग होम के मैनेजर को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक महिला संचालक भनक लगते ही मौके से फरार हो गई, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।

न लाइसेंस, न फायर सेफ्टी के इंतजाम 

जांच के दौरान पाया गया कि ये नर्सिंग होम न तो स्वास्थ्य विभाग के मानकों को पूरा कर रहे थे और न ही इनके पास क्लीनिकल एस्टेब्लिशमेंट एक्ट के तहत वैध दस्तावेज थे। कई जगहों पर स्वास्थ्य सेवाओं में भारी अनियमितताएं सामने आईं और आग से निपटने के लिए फायर सेफ्टी के कोई पुख्ता इंतजाम नहीं थे।

मरीजों को कराया गया शिफ्ट 

कार्रवाई के दौरान प्रशासन ने मानवीय रुख अपनाते हुए नर्सिंग होमों में भर्ती मरीजों को तुरंत एंबुलेंस के जरिए सुरक्षित रूप से SKMCH में शिफ्ट कराया, ताकि किसी के इलाज में कोई बाधा न आए और मरीजों की जान को कोई खतरा न हो।

ये संस्थान किए गए सील

प्रशासनिक टीम द्वारा की गई कार्रवाई में मुसहरी व मीनापुर की टीम ने 6, गायघाट ने 3 और औराई की टीम ने 3 संस्थानों को सील किया। इसके अलावा नियमों के उल्लंघन पर पूर्व में मदांता अस्पताल को भी सील किया गया है। सील होने वाले प्रमुख संस्थान हैं:

  •  बालाजी हेल्थ केयर, रेडियस हेल्थ केयर, संतोष चाइल्ड केयर हॉस्पिटल।
  •  आशा हेल्थ केयर, श्री गंगाराम इमरजेंसी हॉस्पिटल, तिरुपति नर्सिंग होम।
  •  आयुष्मान हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल, सम्राट हॉस्पिटल, एस-एस हॉस्पिटल।
  •  हेल्थ केयर एंड हॉस्पिटल, भूमि चाइल्ड केयर हॉस्पिटल, ओम अल्ट्रासाउंड और मदांता अस्पताल

मरीजों की जान से समझौता नहीं: सिविल सर्जन

इस कार्रवाई के संबंध में सिविल सर्जन ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े संस्थानों को निर्धारित सरकारी मानकों का पालन करना अनिवार्य है। मरीजों के जीवन और स्वास्थ्य से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि जिले के अन्य इलाकों में भी संदिग्ध स्वास्थ्य केंद्रों की सूची तैयार की जा रही है और यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा। बता दें कि ब्रह्मपुरा स्थित प्रसाद हॉस्पिटल के आईसीयू में शार्ट सर्किट से आग लगने पर सात मरीजो की मौत हो चुकी है।कई अभी भी गंभीर है। जिला प्रशासन ने अस्पताल को सील कर लाइसेंस को निलंबित कर दिया है।
 

Source link



Source link

Leave A Reply

Your email address will not be published.