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शेरघाटी बना फायर सेफ्टी मॉडल, 35 संस्थानों को नोटिस जारी


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

राहुल राज / शेरघाटी –   मुजफ्फरपुर में हाल ही में हुए दर्दनाक अग्निकांड के बाद बिहार सरकार के निर्देश पर पूरे राज्य में अग्नि सुरक्षा को लेकर विशेष सतर्कता बरती जा रही है। इसी क्रम में शेरघाटी अनुमंडल में भी फायर सेफ्टी को लेकर व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। अस्पतालों, होटलों, शिक्षण संस्थानों, लॉज और अन्य सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की गहन जांच की जा रही है। इस अभियान के तहत अब तक करीब 35 संस्थानों को नोटिस जारी कर फायर सेफ्टी मानकों का पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया गया है। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों की कमी या फायर सेफ्टी प्रमाणपत्र नहीं पाया गया है, उन्हें निर्धारित समय सीमा में सुधार करने को कहा गया है, अन्यथा बिहार अग्निशमन सेवा नियमावली 2021 के तहत कार्रवाई की जाएगी।

हाइलाइट्स – 

  • शेरघाटी फायर सेफ्टी के लिए मॉडल क्षेत्र के रूप में उभरा।
  • 35 संस्थानों को फायर सेफ्टी नियमों के उल्लंघन पर नोटिस जारी।
  • अस्पतालों और होटलों में व्यापक फायर सेफ्टी ऑडिट जारी।
  • फायर स्टेशन को आधुनिक फोम टेंडर वाहन उपलब्ध कराया गया।
  • NBC मानकों के तहत सुरक्षा व्यवस्था लागू करने पर जोर।
  • स्कूलों और कॉलेजों में मॉक ड्रिल और जागरूकता अभियान जारी।
     

शेरघाटी फायर स्टेशन को मिला आधुनिक फोम टेंडर वाहन, क्षमता में बड़ा इजाफा

शेरघाटी में दमकल संसाधनों की कमी को लेकर उठी मांग का असर अब साफ दिखाई दे रहा है। News11 Bharat द्वारा इस मुद्दे को प्रमुखता से उठाए जाने के बाद प्रशासन ने संज्ञान लेते हुए शेरघाटी फायर स्टेशन को अत्याधुनिक फोम टेंडर वाहन उपलब्ध कराया है। यह वाहन पेट्रोल, डीजल, तेल और रासायनिक पदार्थों से लगी आग को बुझाने में बेहद प्रभावी है। इसमें 2500 लीटर पानी और 400 लीटर फोम की क्षमता है। इसके अलावा इसमें लगभग 40 आधुनिक रेस्क्यू उपकरण जैसे हाइड्रोलिक कटर, बैटरी संचालित मिनी कटर, स्ट्रेचर, सर्च लाइट और ब्रिदिंग अपरेटस शामिल हैं। इससे सड़क दुर्घटनाओं और बड़े अग्निकांड की स्थिति में राहत एवं बचाव कार्य और अधिक प्रभावी हो गया है। अब शेरघाटी में दमकल वाहनों की संख्या बढ़कर 7 हो गई है, जिससे आपात प्रतिक्रिया क्षमता मजबूत हुई है।

अस्पतालों में फायर ऑडिट, जागरूकता अभियान और NBC मानकों पर जोर

अभियान के तहत शेरघाटी अनुमंडलीय अस्पताल सहित विभिन्न संस्थानों का फायर सेफ्टी ऑडिट भी किया गया है। अस्पतालों में फायर एक्सटिंग्विशर लगाए गए हैं और उनकी नियमित जांच सुनिश्चित की जा रही है। अग्निशमन विभाग ने नेशनल बिल्डिंग कोड (NBC) पार्ट-4 के तहत फायर अलार्म सिस्टम, होज रील, पानी की टंकी, पंपिंग सिस्टम और अन्य सुरक्षा उपकरणों को अनिवार्य रूप से लागू करने की सलाह दी है। इसके साथ ही स्कूलों और कॉलेजों में मॉक ड्रिल के माध्यम से जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है, ताकि लोग आग लगने की स्थिति में सही तरीके से प्रतिक्रिया दे सकें। अधिकारियों के अनुसार, विभाग का उद्देश्य कार्रवाई से अधिक संस्थानों को सुरक्षित बनाना है, ताकि भविष्य में किसी भी बड़ी दुर्घटना को रोका जा सके।

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