न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क
इन्द्रदेव / सहरसा : नगर निगम क्षेत्र के वार्ड संख्या 13 में करीब 1 करोड़ 80 लाख रुपये की लागत से चल रहे पोखर सौंदर्यीकरण कार्य को लेकर विवाद गहरा गया है। योजना में पारदर्शिता नहीं बरते जाने और निर्माण कार्य में अनियमितता के आरोप लगाते हुए स्थानीय जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने सवाल उठाए हैं।
वार्ड 13 की पार्षद दीक्षा भारती के प्रतिनिधि चंदन सिंह ने आरोप लगाया कि 14 योजनाओं के तहत कराए जा रहे कार्यों में नियमों की अनदेखी की जा रही है। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना स्थल पर शिलापट्ट नहीं लगाया गया है, जिससे यह स्पष्ट नहीं हो रहा कि कार्य किस एजेंसी द्वारा कराया जा रहा है, इसकी लागत क्या है और निर्माण कब तक पूरा होगा।
चंदन सिंह ने बताया कि नगर निगम से अपेक्षित सहयोग नहीं मिलने पर फरवरी 2025 में मामले को राष्ट्रीय हरित अधिकरण (एनजीटी) में उठाया गया था, जिसके बाद सौंदर्यीकरण कार्य शुरू हुआ। उनका आरोप है कि केवल पोखर के ऊपरी हिस्से का सौंदर्यीकरण किया जा रहा है, जबकि अंदर जमा गंदगी और गाद की सफाई नहीं की गई है। साथ ही उन्होंने पथ निर्माण विभाग (PWD) की सड़क पर अतिक्रमण कर निर्माण कराने का भी आरोप लगाया।
मामले की सूचना मिलने पर PWD के सहायक अभियंता (AC) विजय कुमार मौके पर पहुंचे और निरीक्षण के बाद निर्माण कार्य को तत्काल रोकने का निर्देश दिया। वहीं सामाजिक कार्यकर्ता देवनारायण यादव उर्फ नुनु यादव ने भी योजना में अनियमितता का आरोप लगाते हुए नगर निगम और संबंधित जनप्रतिनिधियों से जवाबदेही तय करने की मांग की। उन्होंने कहा कि करोड़ों रुपये की योजना में गुणवत्ता और पारदर्शिता सुनिश्चित की जानी चाहिए।
इस संबंध में पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता ने मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई का भरोसा दिया। हालांकि समाचार लिखे जाने तक नगर आयुक्त से संपर्क नहीं हो सका, जिससे उनका पक्ष प्राप्त नहीं हो सका।
