न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क: बिहार के विकास को एक नई रफ्तार देने के लिए राज्य सरकार ने अपने पिटारे से कई सौगातें निकाली हैं। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट बैठक में उद्योग, रोजगार, पर्यटन और खेल जगत के लिए कई क्रांतिकारी प्रस्तावों पर मुहर लगाई गई है। सहरसा, पूर्णिया और कैमूर को नए औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की तैयारी है, तो वहीं देश-दुनिया में राज्य का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों के लिए सरकारी नौकरियों के दरवाजे खोल दिए गए हैं।
सहरसा और पूर्णिया बनेंगे नए इंडस्ट्रियल हब, करोड़ों का बजट पास
बिहार में स्थानीय स्तर पर रोजगार बढ़ाने के लिए सरकार ने सहरसा और पूर्णिया में औद्योगिक क्षेत्रों के विस्तार को मंजूरी दी है। सहरसा के वनगांव और देवनागोपाल मौजा में लगभग 420.63 एकड़ जमीन के अधिग्रहण के लिए 88.01 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए हैं। वहीं, पूर्णिया में इंडस्ट्रियल एरिया विकसित करने के लिए करीब 1.25 अरब (125 करोड़) रुपये की भारी-भरकम राशि से भूमि अधिग्रहण का रास्ता साफ हो गया है। इससे सीमांचल और कोसी क्षेत्र में बड़े निवेश की उम्मीद है।
कैमूर में एक्सप्रेसवे के किनारे चमकेगा उद्योग, 781 एकड़ में बनेगा कॉरिडोर
केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी वाराणसी-रांची-कोलकाता एक्सप्रेसवे परियोजना का फायदा उठाने के लिए बिहार सरकार ने कैमूर में बड़ा दांव खेला है। कैमूर जिले के चांद और चैनपुर अंचल में एक्सप्रेसवे के किनारे 781.18 एकड़ जमीन पर एक विशाल औद्योगिक क्षेत्र बसाया जाएगा। इस प्रोजेक्ट के लिए 230.64 करोड़ रुपये मंजूर किए गए हैं, जिससे इस पूरे रूट पर व्यापारिक गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
खिलाड़ियों पर मेहरबान हुई सरकार: मेडल लाओ, सीधे ‘लेवल-9’ की सरकारी नौकरी पाओ
बिहार की खेल प्रतिभाओं को बढ़ावा देने के लिए ‘बिहार उत्कृष्ट खिलाड़ियों की सीधी नियुक्ति (संशोधन) नियमावली 2026’ को हरी झंडी दे दी गई है। नई नीति के तहत अब ओलंपिक पदक विजेताओं, ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करने वाले एथलीटों, भारतीय क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों और एशियाई व राष्ट्रमंडल खेलों (कॉमनवेल्थ) के स्वर्ण पदक विजेताओं को सीधे वेतन स्तर-09 (ऑफिसर स्केल) की नौकरी मिलेगी। इसके अलावा, एशियाई और राष्ट्रमंडल खेलों में सिल्वर या ब्रॉन्ज मेडल जीतने वाले खिलाड़ियों को वेतन स्तर-07 के पदों पर नियुक्त किया जाएगा। खेल मंत्री श्रेयसी सिंह के मुताबिक, यह कदम खिलाड़ियों के सामाजिक और आर्थिक सशक्तीकरण के लिए उठाया गया है।
ईको-टूरिज्म को बढ़ावा: 217 सरकारी निरीक्षण भवन बनेंगे मॉडर्न गेस्ट हाउस
बिहार में पर्यटन को एक नया अनुभव देने के लिए जल संसाधन विभाग के 217 निरीक्षण भवनों (इंस्पेक्शन बंगलो) की सूरत बदली जाएगी। बांधों, बराजों और जलाशयों के पास स्थित इन भवनों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर ईको-टूरिज्म केंद्रों और गेस्ट हाउस के रूप में बदला जाएगा। इससे न सिर्फ पर्यटकों को रुकने के लिए शानदार जगह मिलेगी, बल्कि बिहार के प्राकृतिक स्थलों की खूबसूरती भी दुनिया के सामने आएगी।
अब सभी विभागों के लिपिकों का होगा एक ही संवर्ग
सरकारी कामकाज को और अधिक सुचारू बनाने के लिए कैबिनेट ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। अब राज्य के विभिन्न कार्य विभागों (जैसे- पथ निर्माण, भवन निर्माण, ग्रामीण कार्य, पीएचईडी, योजना एवं विकास, और नगर विकास एवं आवास विभाग) में तैनात लिपिकों (क्लर्कों) को मिलाकर एक ही संवर्ग (कैडर) बना दिया गया है। इससे कर्मचारियों के ट्रांसफर-पोस्टिंग और प्रमोशन की प्रक्रिया आसान हो जाएगी।
