बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेज हो गई है।
न्यूज11 भारत/बिहार डेस्क
अश्मित सिन्हा/पटना: बिहार के चर्चित टेंडर घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) की जांच तेज हो गई है। इसी सिलसिले में ED की टीम ने गुरुवार को वरिष्ठ IAS अधिकारी संतोष मल्ल से पूछताछ की है। संतोष मल्ल आज दोपहर करीब 1 बजे पटना स्थित ED कार्यालय पहुंचे, जहां उनसे सरकारी टेंडरों में कथित अनियमितताओं और ठेकेदार रिशु श्री से जुड़े मामले में सवाल-जवाब किए गए।
सरकारी ठेकों में कथित गड़बड़ियों की जांच अब बिहार के कई वरिष्ठ IAS अधिकारियों तक पहुंच गई है। ED इस मामले में एक के बाद एक अधिकारियों को तलब कर पूछताछ कर रही है। इससे पहले बुधवार को बिहार राज्य पुल निर्माण निगम के अध्यक्ष IAS अधिकारी धर्मेंद्र कुमार से कई घंटों तक पूछताछ हुई थी।
जानकारी के मुताबिक, सोमवार को IAS अधिकारी अभिलाषा कुमारी शर्मा और मंगलवार को IAS अधिकारी सुनील यादव से भी ED ने पूछताछ की थी। इस मामले में अब तक बिहार के पांच IAS अधिकारियों को समन भेजे जाने की जानकारी मिली है।
मिली जानकारी के अनुसार, टेंडर घोटाले की जांच का प्रमुख केंद्र ठेकेदार रिशु श्री और उससे जुड़ी कंपनियां हैं। आरोप है कि सरकारी टेंडर हासिल करने के लिए कुछ अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच कथित मिलीभगत है। जांच एजेंसियों को आशंका है कि कुछ टेंडरों की शर्तें इस तरह तैयार की गईं, जिससे चुनिंदा कंपनियों को फायदा मिल सके।
ED इन आरोपों की पड़ताल कर रही है कि क्या सरकारी ठेकों की प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया और क्या इसके बदले किसी तरह का अवैध लेन-देन हुआ है। जांच एजेंसी यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि कथित अनियमितताओं में किन-किन लोगों की क्या भूमिका रही।
