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MLC बनते ही सुनील सिंह पर पोस्टर वार, पटना में लगे विवादित पोस्टर से बढ़ी सियासी हलचल


न्यूज 11 भारत / बिहार डेस्क

पटना – पटना में राजद के नवनिर्वाचित विधान परिषद सदस्य (MLC) सुनील सिंह को लेकर विवादित पोस्टर लगाए जाने के बाद बिहार की राजनीति में नया विवाद खड़ा हो गया है। शहर के विभिन्न इलाकों में लगाए गए इन पोस्टरों में सुनील सिंह को “बिहार का नटवरलाल” बताया गया है। पोस्टर में उनके खिलाफ कथित धोखाधड़ी और गबन से जुड़े आरोपों का भी उल्लेख किया गया है। इतना ही नहीं, पोस्टर में एक अलग अंदाज में उन्हें MLC बनने पर बधाई और शुभकामनाएं भी दी गई हैं, जिससे मामला और चर्चा का विषय बन गया है। पोस्टर सामने आने के बाद राजनीतिक गलियारों में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।

हाईलाइट्स –

  • MLC बनने के बाद राजद नेता सुनील सिंह को लेकर पटना में लगे विवादित पोस्टर।
  • पोस्टर में उन्हें “बिहार का नटवरलाल” बताते हुए कथित धोखाधड़ी और गबन के आरोपों का जिक्र।
  • अलग अंदाज में MLC बनने की बधाई और शुभकामनाएं भी दी गईं।
  • पोस्टर लगाने वालों की पहचान अब तक नहीं हो सकी।
  • मामले के बाद बिहार की राजनीति में तेज हुई चर्चाएं और सियासी हलचल।
     

पोस्टर लगाने वालों की पहचान अब तक नहीं, बढ़ी राजनीतिक सरगर्मी

विवादित पोस्टरों के सामने आने के बाद यह सवाल उठने लगा है कि आखिर इन्हें किसने लगवाया है। फिलहाल पोस्टर लगाने वाले व्यक्ति या संगठन की पहचान नहीं हो सकी है। इस संबंध में अभी तक किसी राजनीतिक दल या संगठन ने जिम्मेदारी नहीं ली है। हालांकि, पोस्टर के जरिए किए गए हमले को लेकर राजनीतिक हलकों में सरगर्मी तेज हो गई है। विपक्ष और सत्ता पक्ष के नेताओं के बीच भी इस मुद्दे को लेकर बयानबाजी की संभावना जताई जा रही है। सोशल मीडिया पर भी पोस्टरों की तस्वीरें तेजी से वायरल हो रही हैं और लोग इस पर अपनी-अपनी प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।

बिहार की राजनीति में नया विवाद, प्रतिक्रियाओं पर टिकी निगाहें

सुनील सिंह के MLC बनने के तुरंत बाद सामने आए इस पोस्टर विवाद ने बिहार की राजनीति को गर्मा दिया है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि ऐसे पोस्टर अक्सर राजनीतिक संदेश देने या विरोध जताने के लिए लगाए जाते हैं, लेकिन इस बार इस्तेमाल की गई भाषा और आरोपों ने मामले को और संवेदनशील बना दिया है। अभी तक सुनील सिंह या राजद की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। वहीं, राजनीतिक जानकारों की नजर अब इस बात पर टिकी है कि आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर विभिन्न दलों और नेताओं की क्या प्रतिक्रिया सामने आती है। पोस्टर को लेकर शुरू हुई बहस फिलहाल बिहार की सियासत में चर्चा का प्रमुख विषय बनी हुई है।

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