न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क : बिहार सरकार की कैबिनेट ने हाल ही में बिहार खनिज (समानुदान, अवैध खनन, परिवहन एवं भंडारण निवारण) (द्वितीय संशोधन) नियमावली, 2026 को स्वीकृति प्रदान कर दी है। इस संशोधन का उद्देश्य खनन क्षेत्र को अधिक व्यावहारिक, पारदर्शी और निवेश-अनुकूल बनाते हुए राज्य में रोजगार के अवसरों का विस्तार करना तथा राजस्व संग्रह को गति देना है।
दो खनन पट्टे प्राप्त करने की अनुमति
संशोधित नियमावली के तहत अब किसी भी व्यक्ति को प्रत्येक विशिष्ट लघु खनिज के लिए अधिकतम दो खनन पट्टे प्राप्त करने की अनुमति होगी। पहले यह सीमा सभी लघु खनिजों को मिलाकर अधिकतम दो पट्टों तक सीमित थी। नए प्रावधान के अनुसार यदि कोई व्यक्ति दो बालू घाटों का संचालन कर रहा है, तो वह पत्थर के भी दो खनन पट्टे प्राप्त कर उनका संचालन कर सकेगा। इससे खनन क्षेत्र में निवेश को बढ़ावा मिलने के साथ-साथ व्यवसाय के विस्तार के नए अवसर उपलब्ध होंगे।
महत्वपूर्ण संशोधन
पत्थर खनन क्षेत्रों में क्रशर स्थापना के दौरान आने वाली व्यावहारिक कठिनाइयों को दूर करने के लिए महत्वपूर्ण संशोधन किया गया है। अब खनन लीज क्षेत्र से 500 मीटर के स्थान पर 2 किलोमीटर तक की दूरी में क्रशर स्थापित किए जा सकेंगे। इससे खनन गतिविधियों का संचालन अधिक सुगम होगा और उद्योगों को आवश्यक आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
यह भी प्रावधान
रोजगार सृजन को गति देने के उद्देश्य से बड़े-बड़े पत्थर भूखंडों को छोटे-छोटे भूखंडों में विभाजित कर उनकी बंदोबस्ती करने का भी प्रावधान किया गया है। इससे अधिक संख्या में उद्यमियों और बंदोबस्तधारियों को अवसर मिलेगा तथा स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर विकसित होंगे।
ई-नीलामी प्रक्रिया होगी दुरुस्त
इसके साथ ही पत्थर बंदोबस्ती की ई-नीलामी प्रक्रिया को अधिक समयबद्ध और प्रभावी बनाने के लिए यह व्यवस्था की गई है कि उच्चतम बोलीदाता को ई-नीलामी की तिथि से पांच कार्य दिवस के भीतर आवश्यक धनराशि जमा करनी होगी। इससे बंदोबस्ती प्रक्रिया में तेजी आएगी और राज्य सरकार को समय पर राजस्व प्राप्त हो सकेगा।
राजस्व में होगी वृद्धि
इस संबंध में खान एवं भूतत्व मंत्री डॉ. प्रमोद कुमार ने कहा कि संशोधित नियमावली खनन क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव लाने वाली साबित होगी। उन्होंने कहा कि पत्थर खनन पट्टों की नीलामी के माध्यम से राज्य के राजस्व में उल्लेखनीय वृद्धि होगी, वहीं बड़ी संख्या में लोगों के लिए रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के नेतृत्व में राज्य सरकार रोजगार सृजन, औद्योगिक विकास और राजस्व वृद्धि को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए खनन क्षेत्र में लगातार सुधारात्मक कदम उठा रही है।
