न्यूज 11 भारत / पटना डेस्क: सीवान में छात्र आंदोलन के दौरान AK-47 से फायरिंग मामले को लेकर तेजस्वी यादव बुधवार को सड़क पर उतरे। तेजस्वी लोकभवन मार्च के लिए जेपी गोलंबर से राजभवन की तरफ निकले। करीब 5 किलोमीटर लंबे मार्च में उनके साथ करीब 5 हजार समर्थक मौजूद रहे।
तेजस्वी यादव समर्थकों के साथ डाकबंगाल पर लगाए बैरिकेडिंग को तोड़कर आगे निकल गए। इनकम टैक्स चौराहे पर तेजस्वी और उनके समर्थकों पर वाटर कैनन का इस्तेमाल किया गया। उसके बाद नेता प्रतिपक्ष को हिरासत में ले लिया गया। तेजस्वी ने कहा कि मैं जेल से डरने वाला नहीं हूं। हमारे भगवान श्री कृष्ण का जन्म जेल में ही हुआ था। जो सत्ता में आया है उसका जाना तय है।
कुछ कार्यकर्ताओं ने पुलिस के ऊपर पानी की बोतलें भी फेंकी हैं। कार्यकर्ताओं ने हाथ में तिरंगा ले रखा है। कुछ कार्यकर्ता लकड़ी की AK-47 लेकर भी पहुंचे। ASP लॉ एंड आर्डर कृष्ण मुरारी प्रसाद ने जवानों को निर्देश दिया है कि झंडे का सम्मान करना है और लाठी का इस्तेमाल समझदारी से करना है।
मंगलवार को तेजस्वी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर कहा था, AK 47 चलाने का अधिकार किसने दिया। छात्रों पर गोली चली। हम घायल छात्रों से मिलने भी गए थे। राज्यसभा में किरण रिजूजू जी ने जवाब दिया कि गोली नहीं चली है। बिहार सरकार के हलफनामे में यह स्पष्ट है गोली चलाई गई है। बिना आदेश के AK 47 कैसे चली, इसका सरकार जवाब दे।
सीवान के DM और SP के तबादले पर तेजस्वी यादव ने सरकार पर निशाना साधा था। उन्होंने कहा था कि हमारी मांग निलंबन की है, सिर्फ अदला-बदली से कुछ नहीं होगा।
