न्यूज 11 भारत/बिहार डेस्क:
अश्मित सिन्हा/पटना: गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि से दियारा क्षेत्र में बाढ़ का खतरा मंडराने लगा है। हालांकि, बख्तियारपुर में गंगा नदी अभी खतरे के निशान से करीब एक मीटर नीचे बह रही है। लेकिन जलस्तर में लगातार हो रही बढ़ोतरी को देखते हुए दियारा क्षेत्र के लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे हैं। दियारा क्षेत्र की कालादियारा, रूपस महाजी, चिरैया रूपस, सतभैया रामनगर और हरदासपुर दियारा पंचायतें हर वर्ष बाढ़ की चपेट में आती हैं। बाढ़ आने पर इन पंचायतों का प्रखंड मुख्यालय से संपर्क पूरी तरह कट जाता है। संभावित बाढ़ को देखते हुए स्थानीय प्रशासन भी पूरी तरह अलर्ट मोड में है।
एहतियात के तौर पर सीढ़ी घाट पर बैरिकेडिंग कर दी गई है, ताकि स्नान करने के दौरान श्रद्धालु गहरे पानी में जाने से बचें। जल संसाधन विभाग भी तटबंधों और अन्य संवेदनशील स्थानों की सुरक्षा को लेकर आवश्यक तैयारियों में जुटा है।
उधर, पटना सिटी इलाके के कई प्रमुख घाटों पर गंगा नदी का पानी सीढ़ियों तक आ चुका है। जलस्तर में हो रही इस बढ़ोतरी को देखते हुए गंगा स्नान करने वाले श्रद्धालुओं और आम लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की जा रही है। इसके बावजूद भद्रघाट, महावीर घाट और कंगनघाट पर सुबह-शाम सैर करने वाले लोगों की भारी भीड़ गंगा तट पर उमड़ रही है। विशेष रूप से कंगनघाट पर गंगा का पानी सीढ़ियों से काफी ऊपर चढ़ चुका है।
तटबंधों की निगरानी की जा रही
बख्तियारपुर स्थित जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता दिलीप कुमार ने बताया कि गंगा नदी के जलस्तर में लगातार हो रही वृद्धि के मद्देनजर तटबंधों की लगातार निगरानी की जा रही है। विभाग फ्लड एम्बुलेंस के साथ चौबीस घंटे मुस्तैद है। उन्होंने बताया कि फ्लड एम्बुलेंस में अभियंताओं की टीम जरूरी सुरक्षा सामग्रियों के साथ तैनात रहती है, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल सुरक्षात्मक कार्रवाई की जा सके।
